हमारी गतिविधियाँ

1.गौ-सेवा और देखभाल

श्री कृष्ण सुदामा गौरक्ष धाम में 2050 से अधिक गौवंश सुरक्षित आश्रय में हैं, जिनमें 75% से ज्यादा देशी नस्ल की गौमाताएँ शामिल हैं। यहाँ प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक निरंतर गौसेवा होती है। समर्पित गौसेवक अपनी अथक मेहनत और दानदाताओं के सहयोग से सेवा, संरक्षण और करुणा का यह पावन कार्य निरंतर संचालित कर रहे हैं, जिससे सभी को गौसेवा का पुण्य लाभ प्राप्त होता है।

2.चारा प्रबंधन (Fodder Management)

श्री कृष्ण सुदामा गौरक्ष धाम में सभी गौभक्तों, पूज्य महाराज श्री महंत राम मंगल दास जी एवं उनके सहयोगियों के समर्पित प्रयासों से गौमाताओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ जल एवं पौष्टिक आहार की निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। हम समस्त गौसेवकों और दानदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग से यह पुण्य सेवा निरंतर संचालित हो रही है।

3.दुग्ध उत्पादन एवं उत्पाद (Dairy & By- products)

दुग्ध उत्पादन एवं उत्पाद गौशाला की महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक है, जिसके अंतर्गत गौमाताओं से प्राप्त शुद्ध दूध का उपयोग कर घी, दही, मक्खन एवं पनीर जैसे पौष्टिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही गोबर से जैविक खाद, उपले एवं अन्य उपयोगी वस्तुएँ तथा गोमूत्र का औषधीय उपयोग किया जाता है, जिससे गौशाला आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ समाज को शुद्ध और प्राकृतिक उत्पाद उपलब्ध कराती है।

4.पशु चिकित्सा सेवाएँ (Veterinary Services)

पशु चिकित्सा सेवाएँ गौशाला का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनके अंतर्गत गौमाताओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, समय-समय पर टीकाकरण तथा बीमार पशुओं का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाता है। अनुभवी पशु चिकित्सकों और सेवकों की देखरेख में आपातकालीन देखभाल भी उपलब्ध रहती है, जिससे गौवंश स्वस्थ, सुरक्षित और रोगमुक्त रह सके।

5.पर्यावरण संरक्षण (Environmental Role)

पर्यावरण संरक्षण गौशाला की एक प्रमुख विशेषता है। यहाँ विकसित हर्बल गार्डन में विभिन्न स्थानों से लाए गए औषधीय पौधों का रोपण किया गया है, जिनका उपयोग गौभक्त अपनी आवश्यकता अनुसार कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, गौशाला में अनेक प्रकार के पुष्पीय पौधे एवं विविध वृक्ष लगाए गए हैं, जो वातावरण को शुद्ध, हरित और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

6. गौशाला में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन - गौशाला में स्थित मंदिर में या गौशाला परिक्षेत्र में प्रतिवर्ष और हर महीने धार्मिक व गौमाता से जुड़े सभी छोटे बड़े कार्यक्रम होते रहते है - जैसे-

भागवत कथा का आयोजन – गौशाला में महाराज श्री महंत राम मंगल दास और श्री बसंत सिंह बिष्ट व श्रीमती अंजलि गुप्ता के प्लानिंग के अनुसार भगवत कथा का आयोजन होता रहता है

अखंड रामायण पाठ – गौशाला में पूरे ईयर अखंड रामायण का पाठ चलता रहता है

गोपाष्टमी – प्रतिवर्ष गौशाला में बहुत ही धूम धाम से गोपाष्टमी का आयोजन किया जाता हैं